उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित करने की दिशा में चल रहा कार्य
उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित करने की दिशा में चल रहा कार्य
उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित करने की दिशा में चल रहा कार्य

उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित करने की दिशा में चल रहा कार्य



राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून को इस वर्ष नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा एमसीएच यूरोलॉजी की 2 सुपरस्पेशियलिटी सीटों की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे उत्तराखंड के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

संस्थान की प्राचार्य डॉ. गीता जैन के नेतृत्व में लंबे समय से चल रहे प्रयासों को इस सफलता का श्रेय दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राचार्य के प्रयासों की सराहना की है।

उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है। एमसीएच यूरोलॉजी सीटों की स्वीकृति मिलने से अब इस दिशा में ठोस प्रगति संभव होगी और राज्य में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाओं की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा।

वर्तमान में राज्य के अनेक मरीज किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर हैं, जिससे उन्हें अत्यधिक आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किडनी ट्रांसप्लांट एक महंगी प्रक्रिया है, हालांकि इसे आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया गया है, फिर भी स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।

अब दून मेडिकल कॉलेज में सुपरस्पेशियलिटी प्रशिक्षण और सुविधाओं के विकास से:
    •    राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी
    •    किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं स्थानीय स्तर पर विकसित होंगी
    •    मरीजों को समय पर और सुलभ उपचार मिल सकेगा

यह कदम उत्तराखंड में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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